ट्रेन हमारी

बाल गीत- ट्रेन हमारी

छुक-छुक चलती ट्रेन हमारी,

लगती है यह सबको प्यारी।

दूर-दूर तक सैर कराती,

हमकों सारी दुनिया दिखलाती।।

रचनाकार-
अभिषेक शुक्ला
सीतापुर,उत्तर प्रदेश

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