शिक्षा की उड़ान

शीर्षक:- शिक्षा की उड़ान 

तितली हूँ, मैं तितली हूँ आसमान मे उड़ती हूँ,
रंग-बिरंगे फूलों से सतरंगी सपनें बुनती हूँ।

इन्द्रधनुष-सी दुनिया मेरे ख्वाबों मे अब पलती है,
झंझावत के काले मेघों मे दामिनी  बन सजती हूँ।

लड़की हूँ,मैं लड़की हूँ,मैं भी तो पढ़ सकती हूँ,
शिक्षा से सफ़लता की नई परिभाषा लिख सकती हूँ।

बेटा- बेटी मे फ़र्क नही,यह पूरी दुनिया कहती है,
सरकारी विद्यालय मे अच्छी शिक्षा मिलती है।

पापा! नामांकन करा दो मेरा,मैं आपसे वादा करती हूँ,
भईया की तरह मै भी आपका नाम रोशन कर सकती हूँ।

रंग- बिरंगे फूलों से सतरंगी सपने बुनती हूँ।
लड़की हूँ,मैं लड़की हूँ नए प्रतिमान गढ़ सकती हूँ।

रचनाकार:-
अभिषेक शुक्ला 
सीतापुर,उत्तर प्रदेश

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