आरक्षण

"आरक्षण है बड़ी महामारी इसे बढ़ने नही दो, प्रतिभाओं को जाति बलिवेदी पर चढ़ने नही दो। वरना बेमौत ही मर जायेंगे कुशाग्र बुद्धि वाले, नौकरी के मजे लेते रहेंगे ये आरक्षण वाले। आरक्षण की अब नयी यह परिभाषा लिख दो, जो हो गरीब उसे तुम सब आरक्षण लाभ दे दो। गरीबी जाति और धर्म देखकर आती नही है, अमीरो को मिले आरक्षण ये बात भाती नही है। सभी को बुद्धि विवेक ईश्वर ने दिया है, पर आरक्षण ने प्रतिभाओ को मार दिया है। आरक्षण का अब और अधिक यह खेल न चलेगा, आरक्षण हो खत्म आज का हर जागरुक युवा कहेगा। जय हिन्द,जय भारत Note:- अगर आप जातिगत आरक्षण के खिलाफ है और मेरी बात से सहमत है,तो इसे युवाओ व मेधावियो के हित के लिए शेयर अवश्य करे।